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धोखाधड़ी: टूरिस्ट वीजा पर 6 युवकों को एजेंट नें नौकरी का झांसा देकर भेजा दुबई

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युवकों ने कहा कि वहां छोटे से जिस कमरे में उन्हें रखा गया था उसमें 20 नेपाली युवकों को भी पहले से रखा गया था…

Shabab Khan

शबाब ख़ान

जौनपुर: मामला जौनपुर जिले का है, जहॉं एक ट्रैवल एजेंट नें स्थानीय युवकों के साथ कुछ दूसरे शहरों के कुल छह युवकों से दुबई में नौकरी का झांसा देकर सभी से 55-55 हजार रूपये ले लिए।

और दिल्ली से उन सभी को टूरिस्ट वीजा पर दुबई भेज दिया। दुबई में जब उन्हें असलियत का पता चला तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दुबई में नौकरी करके किस्मत चमकाने का सपना लेकर अंजान देश में आये युवक धोखाधड़ी का शिकार हो चुके थें।

दुबई में दो महीने से ज्यादा समय तक अनेक परेशानियॉं झेलकर जब उन्हें इंडिया से उनके घरवालों नें वापसी का टिकट भेजा तो तीन दिन पहले वो युवक वापस अा पायें। वापस आएं युवकों ने कहा कि वहां छोटे से जिस कमरे में उन्हें रखा गया था उसमें 20 नेपाली युवकों को भी पहले से रखा गया था। वे युवक भी इसी तरह धोखे का शिकार हुए थें।

मछलीशहर कस्बे के रहने वाले शानू, खुर्शीद, अमन, सलमान और अकमल को स्थानीय एक एजेंट ने दुबई के एक मॉल में हेल्पर की नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे प्रति व्यक्ति 55 हजार रुपये लिए। इनके साथ इनके दो परिचित लड़के इलाहाबाद जनपद के मऊआयमा निवासी आरजू और प्रतापगढ़ निवासी मो. आसिफ ने भी एजेंट को रुपये दे दिए।

सभी को 30 मार्च को जानें की बात कहकर दिल्ली बुलाया गया। दिल्ली में पहले दिन उन्हें पूरे दिन एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा लेकिन एजेंट नहीं मिला। आठ अप्रैल को इन्हें इंडिगो की फ्लाइट से दुबई भेज दिया गया। वहां पहुंचने के बाद एयरपोर्ट से युवकों ने उस व्यक्ति को फोन किया जिसका उन्हें नंबर दिया गया था।

घंटों इंतजार के बाद वह व्यक्ति एयरपोर्ट आया और सभी को साथ ले गया। 25 दिनों तक बिना किसी काम पर लगाए एक छोटे से कमरे में उन्हें रखा गया। उसी कमरे में 20 नेपाली युवकों को भी पहले से रखा गया था। 25 दिन बाद जब काम के लिए दुबई से काफी दूर अंजान शहर ले जाया गया वहाँ सुबह सात बजे से रात दस बजे तक घरों में सफाई और खजूर तोड़वाने का काम करना पड़ता था।

बीच में सिर्फ आधा घंटा खाने का समय दिया जाता था। कहा कि हम लोगों ने दूसरे ही दिन काम छोड़ने की बात कही। वहां के मालिक ने कहा कि 50 हजार रुपये का प्रबंध करो नहीं तो पासपोर्ट नहीं दूंगा। उन्हें यहां बुलाने में इतना खर्च हुआ है। खुर्शीद ने दुबई में रह रहे अपने एक परिचित को फोन किया तो उन्होंने पुलिस बुलाने की धमकी दी। तब जाकर इनका पासपोर्ट वापस मिला सका।

घर वालों ने यहीं से वापसी का टिकट बुक करा कर दुबई मे फँसे युवकों के पास भेजा तो किसी तरह सभी युवक वहां से वतन लौट सके। अब धोखाधड़ी के शिकार युवक और उनके घरवालों नें एजेंट के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा पुलिस के उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की है। सीओ जया सांडिल्य का कहना है कि इस तरह का मामला मेरी संज्ञान में नहीं आया है। लेकिन यदि शिकायत आयी तो आरोपी को बख्शा नही जायेगा।

shabab@janmanchnews.com

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