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नमाज़ ज़िन्दगी व आखि़रत में कामयाबी का ज़रिया है

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Rahul Yadav

राहुल यादव

रायबरेली। मरकज़े अहले सुन्नत मदरसा दारूल उलूम हबीबिया गुलशने रज़ा जगपाल ताल, रायबरेली की तरफ से जश्ने आमदे रसूल सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम का 12 दिवसीय कार्यक्रम का पहला कार्यक्रम मोहल्ला तकिया राजघाट, रायबरेली में आयोजित हुआ।

जिसकी सरपरस्ती हज़रत मौलाना सैय्यद मो0 अहमद अशरफ जीलानी साहब, संरक्षता हाफिज़ अनीस अहमद कुरैशी प्रबंधक मदरसा व संचालन मौलाना शमशीर अहमद मिस्बाही साहब ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज़ मुम्ताज़ साहब अशरफी ने कुरआन पाक की तिलावत से किया। शायरे इस्लाम जनाब हाफिज़ सैफ रज़ा कलकत्तवी, हाफिज़ अरशद, मोलवी फहीम रज़ा जायसी ने बारगाहे रिसालत में नात पाक पेश किया।

जलसे को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि हज़रत मौलाना अलहाज हाफिज़ क़ारी सुहैल अख़्तर रज़ा खान रज़वी गयावी साहब ने कहा कि सरकारे दो आलम सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम पूरी दुनिया के लिये रहमत व मेहरबान बन कर तशरीफ लाये और कुरान व हदीस के हवाले से बताया कि जो मेहरबान होता है वह ज़िन्दा, सुनने वाला, जानने वाला मालिक व मुख्तार होता है, क्योंकि यह सब चीजें मेहरबान के लिये ज़रूरी हैं।

आपने तमाम मुसलमानों को सरकारे दो आलम सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की सीरत व किरदार अपनाने की पुरज़ोर अपील की। इसके बाद आपने नमाज़ की पाबन्दी के लिये लोगों को बताया कि बग़ैर नमाज़ ज़िन्दगी व आखि़रत में आदमी कामयाब नहीं हो सकता। नमाज़ छोड़ने वालों की सज़ाओं के बारे में भी बयान किया और नमाज़ की पाबन्दी की अपील की। इसके बाद सलात व सलाम हुआ और फिर दुआ पर जलसे का समापन हुआ।

इस मौके पर मौलाना तसव्वर अली मिस्बाही, मौलाना शमशीर अहमद, क़ारी एख़्लाक़ अहमद, हाफिज़ नौशाद अहमद, हाफिज़ मो0 मुश्ताक, हाफिज़ मुम्ताज़, हाफिज़ वली मोहम्मद, कारी कमर, अज्जू भाई, शहज़ादे, इमरान, परवेज़, साजिद के साथ-साथ शहर के सैकड़ों लोगों ने जलसे में शिरकत की।

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