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बिना जांच के विदेश में रहने वालों पर भी हुई शांतिभंग की कार्यवाही

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राहुल यादव की रिपोर्ट,

रायबरेलीः पुलिसिया कार्रवाई के बाद तहसील प्रशासन के फरमान से नगरीय लोगों में भारी आक्रोश है। दरअसल, निकाय चुनाव को लेकर पुलिस ने जिले के सैकड़ों लोगों पर शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की है। एक-एक वार्ड से आधा सैकड़ा से लेकर एक सैकड़ा तक लोग शांतिभंग की धाराओं में पाबंद किए गए हैं।

पुलिस इसे शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराने को लेकर की गई कार्रवाई कह रही है, लेकिन पाबंद लोगों में बुजुर्गो से लेकर विदेश तक में बसे लोगों के नाम शामिल होने से उनके परिजनों में आक्रोश है। घोसियाना निवासी राघवेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि उनके मुहल्ले में रहने वाले रोहित, आजम, कयूम, खलील, सोनू आदि विदेश में रहते हैं।

सलीम लंबे समय से मध्य प्रदेश में रह रहा हैं। इसके बावजूद उनके विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई की गयी है। दूसरी तरफ, तहसील प्रशासन ने शांतिभंग में पाबंद लोगों को महज बंधनामा दाखिल कर जमानत देने से इंकार कर दिया है। अब शांतिभंग में पाबंद लोगों से दो-दो लाख रुपये के दो-दो जमानतदार मांगे जा रहे हैं।

लोगों का कहना है कि जो लोग विदेश में हैं, उनसे पुलिस को शांतिभंग का खतरा कैसे उत्पन्न हो गया, समझ में नही आता। दूसरी तरफ उन लोगों ने ऐसा कौन सा अपराध किया है, जिसके चलते दो-दो लाख रुपये के जमानतदार मांगे जा रहे हैं। भारी संख्या में पाबंद किए जाने के चलते लोगों के सामने जमानतदार खोजने में भी समस्या आ रही है।

लोगों का कहना है कि अभी तक चुनावों के दौरान पाबंद किए जाने पर महज बंधनामा दाखिल कर जमानत दे दी जाती थी। लेकिन अब इस नए तुगलकी फरमान के चलते उन्हें आर्थिक समेत अन्य समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है। इस बाबत उपजिलाधिकारी राजेश प्रसाद तिवारी का कहना है कि जो लोग विदेश में हैं उनके परिजनों के लिखित रूप से देने पर वह नाम हटा दिए जाएंगे। जिलाधिकारी के मौखिक आदेश के चलते दो-दो लाख रुपये की जमानत ली जा रही है।

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