Hindu converted as Budha

हिन्दू धर्म छोड़कर कई लोगों ने अपनाया बौद्ध धर्म

73
Mithiliesh Pathak

मिथिलेश पाठक

श्रावस्ती। गुरुओं को विशेष माना गया है, कहा गया है कि-

“गुरू ब्रहा: गुरू विष्णुः गुरू देवो महेश्वर,
गुरूः साक्षात प्रभु तस्मै, श्री गुरुवे नमः”

अर्थात गुरु ही ब्रह्मा है, विष्णु है, गुरु ही देवता है, माहेश्वर है, ऐसे गुरु को साक्षात प्रणाम है।

परन्तु कुछ लोग गुरु बनकर लोगों को बहलाफुसला कर अपना उल्लू सीधा करते हैं। ऐसा ही मामला श्रावस्ती जिले से सामने आया है। श्रावस्ती बौद्ध स्थली के रूप में पूरी दुनिया मे जाना जाता है। जहां पर आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कई लोगों ने हिन्दू धर्म को छोड़कर बौद्ध धर्म को अपनाया। ऐसा नही है कि अनपढ़ लोग ही बौद्ध धर्म अपना रहे हों , पढ़े लिखे उच्च पदों पर आसीन लोग इसमें शामिल हैं।

ग्रेटर नोयडा से आये कैप्टन पुत्तन सिंह अपनी पत्नी सरोज और 2 बच्चों संग श्रावस्ती पहुंचे और हिन्दू धर्म को गंदा धर्म बताते हुए बौद्ध धर्म की दीक्षा ली। इसी तरह लखनऊ से आये डॉक्टर सबर सिंह ने भी कई अन्य जगहों से आये लोगों के साथ अपना धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाया।

इंडो नेपाल सीमा से सटे जिले में धर्म परिवर्तन का यह धंधा वर्षों से चल रहा है। कई सालों में सैकड़ों लोगों ने धर्म परिवर्तन किया। किन्तु इसका लेखा जोखा किसी के पास नही है। न ही कोई इस मामले पर बोलने को तैयार है।

यह सारा खेल श्रावस्ती पुलिस चौकी से थोड़ी दूर स्थित थाई मन्दिर के पीछे बने सभागार में चल रहा है। इसी सभागार में आये लोगों को बौद्ध भिक्षु देवेंद्र ने धर्म परिवतर्न कराया। बौद्ध भिक्षु के अनुसार आज के पावन पर्व पर कई लोगों ने धर्म परिवर्तन किया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करेंट्विटर पर फॉलो करें।