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Father and Daughter

अपने से आधी उम्र की बहु से ससुर ने किया शादी, बेटे की बेवफाई को बताया कारण

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Shabab Khan

शबाब ख़ान

गोरखपुर: सामाजिक मर्यादा को दर किनारे कर 55 वर्षीय ससुर दारोगा निषाद ने अपनें बड़े बेटे की पत्नी पुन्नु देवी जिसकी उम्र 33 साल की है से चुपचाप मंदिर में विवाह कर लिया।

जब यह मामला गॉव वालों के सामने आया तो ससुर ने दलील दी कि यह शादी मैने अपनें बेटे दिलीप की बहु के प्रति गैर जिम्मेदाराना व्यावहार के कारण किया है।

मामला गोरखपुर से करीब 28 किलोमीटर दूर चौरी-चौरा तहसील के एक गांव का है। यहां दारोगा निषाद ने बीते 13 जून को अपने बड़े बेटे की पत्नी पुन्नू (33 साल) से शादी कर ली। दोनों ने गुपचुप तरीके से मंदिर में विवाह किया।

इस शनिवार को दोनों के इस रिश्ते का खुलासा गांव में हुआ तो दारोगा ने बताया कि यह शादी करना उसकी मजबूरी थी। उसनें सिर्फ बेटे की बेवफाई के बाद बहू को नई जिंदगी देने के लिए ऐसा कदम उठाया है। दारोगा ने कहा कि बेटे की हरकत पर वह बहुत शर्मिंदा है।

आगे बताते हुए ससुर ने कहा कि मेरे बेटे दिलीप ने किसी और लड़की से शादी कर ली है। दूसरी शादी के बाद उसने घर आना-जाना भी बंद कर दिया। बहू के ऊपर 4 बच्चों की जिम्मेदारी है। मैं चाहता था कि वो अपनी जिंदगी में आगे बढ़े। इसलिए मैंने उसका हाथ थामा।

4 साल से बेटा घर नहीं लौटा…

दारोगा के बड़े बेटे दिलीप ने 2001 में पुन्नू से शादी की थी। चार बच्चे हैं – सुमन, बिंदू, गणेश और  2013 में शुभम पैदा हुआ। नौकली के लिए बाहर गए दिलीप ने वहीं दूसरी लड़की से शादी कर ली। दारोगा के मुताबिक, बेटा आखिरी बार 2013 में घर आया था।

जबकि गांववालों का कहना है कि बेटा दिलीप इसलिए बाहर नही चला गया क्योकि वह किसी और से शादी कर चुका था या करना चाहता बल्कि बेटे को ससुर-बहू के संबंधों पर संदेह था।

एक ओर जहां दारोगा अपने बेटे को बेवफा बता रहे हैं, वहीं गांववाले उसे ही दोषी मानते हैं।

गांव के दारोगा के पड़ोसी ने बताया कि दिलीप रोजी-रोटी की तलाश में कई शहरों में जाकर काम करता था। इसी बीच दारोगा और उसकी बहू के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं। एक बार घर लौटा तो पत्नी को पिता को साथ आपत्तिजनक हालत में भी देख लिया। बेटा-बहू के बीच इसी बात के कारण आए दिन झगड़ा होता था, और अतत: तंग आकर उसनें घर ही छोड़ दिया।

देखना यह है कि 33 वर्षीय बहु के साथ शादी करके 55 वर्षीय दारोगा निषाद कब तक अपनें बूढ़े कंधों पर पारिवारिक गाड़ी को खींचते हैं। बहरहाल गॉव में यह किस्सा हर किसी की जुबान पर है।

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