BREAKING NEWS
Search

सनबीम स्कूल ग्रुप के मालिक दीपक मधोक ने अमर उजाला व अमृत प्रभात पर ठोंका मानहानि का दावा

2564

दोनो समाचार माध्यमों नें प्रतिष्ठित स्कूल ग्रुप सनबीम के चेयरमैन को बताया था एक नंबर का भू माफिया….

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

वाराणसी: अपनी प्रतिष्ठा व सम्मान को चोट पहुंचाने पर दीपक माधोक ने समाचार पत्र अमर उजाला और समाचार पत्र को बंद कर न्यूज़ पोर्टल बनें अमृत प्रभात से उनको भू-माफिया बताने का स्रोत मांगा है, अन्यथा की स्थिति में मधोक ने दोनों समाचार माध्यमों पर 5 करोड़ की मानहानि का दावा किया है।

उल्लेखनीय है कि बीते 31 जुलाई से 2 अगस्त के बीच शहर का प्रतिष्ठित अखबार अमर उजाला एवं समाचार पत्र से न्यूज पोर्टल बने अमृत प्रभात नें एक खबर को प्रकाशित किया था, जिसमें बताया गया था कि वाराणसी के जिला प्रशासन ने एक तालिका जारी कर शहर भर के 49 भू-माफियाओं को चिन्हित किया है तथा सरकार के अगले आदेशानुसार उन सभी भू माफियाओं पर उचित कार्यवाही की जाएगी। दोनों समाचार माध्यमों द्वारा दावा किया गया था कि दीपक मधोक का नाम उक्त तालिका में नम्बर एक पर है।

इस सन्देहास्पद खबर का संज्ञान लेते हुए माधोक ने अगले दिन स्वयं जिलाधिकारी श्री योगेश्वर राम मिश्र से मुलाकात कर अपनी सभी जमीनों से सम्बंधित आवश्यक दस्तावेज सौंपे। तत्पश्चात उन्होंने जिलाधिकारी के नाम एक लिखित प्रार्थना पत्र देकर मांग की कि अविलम्ब उनकी सभी जमीनों की गहन पड़ताल कराकर उन्हें या तो क्लीन चिट दिया जाय या फिर उनके मालिकाना हक में आने वाली कौन सी जमीन अवैध या अतिक्रमण के अधीन है, यह बताया जाय।

Read this also…

क्या आपको वीजा नहीं मिल पा रहा?….तो परेशान न हो और जल्द मिलें चिलकुर बालाजी से

इस प्रकरण के 20-25 दिन बीत जाने पर भी जब मधोक को जिलाधिकारी से कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने फिर जिलाधिकारी से मुलाकात कर आवेदित कार्यवाही में विलंब होने का कारण जानना चाहा।

इस पर जिलाधिकारी ने ऐसी किसी तालिका के आधिकारिक तौर पर निर्गत किये जाने से सरासर अनभिज्ञता जाहिर किया तथा स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन ने ऐसी कोई तालिका नही जारी की है जिसमे शहर के भू माफियाओं के नाम अंकित है, अलबत्ता इस दिशा में प्रक्रिया चल रही है।

जिस तालिका के हवाले से कतिपय न्यूज माध्यमों ने उक्त खबर को प्रकाशित किया है, वह तालिका अशुद्ध है तथा उस पर प्रशासन के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का हस्ताक्षर व मुहर नहीं है। इस विषय पर मुख्य राजस्व अधिकारी एवं विभिन्न सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों से बारम्बार पूछने पर उनके द्वारा यही जवाब दिया गया कि उक्त लिस्ट से राजस्व विभाग का कोई वास्ता नहीं है। प्रदेश के राजस्व विभाग की वेबसाइट पर भी ऐसी कोई लिस्ट नहीं पाई गई। प्रथम दृष्टया सूक्ष्म विश्लेषण करने पर वह लिस्ट कम्प्यूटर द्वारा कूटरचित प्रतीत होती है।

अब सवाल यह उठता है कि किसने और किस मंशा से उक्त लिस्ट को जारी किया? क्या वह लिस्ट असली है या फोटोशॉप/कूटरचित है?

यदि उस लिस्ट पर किसी जिम्मेदार अधिकारी का हस्ताक्षर या मुहर नहीं था तो कतिपय मीडिया हाऊस ने प्रकाशन से पहले इसकी पड़ताल क्यों नहीं की? इस पूरे फ़र्ज़ी प्रकरण में कहीं किसी मातहत की मिलीभगत तो नहीं? क्या किसी साजिश के तहत या किसी ब्लैकमेलर द्वारा दीपक माधोक की प्रतिष्ठा को धूमिल किया जा रहा है?

Sunbeam School

फोटो: दीपक मधोक और उनकी पत्नी भारती मधोक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ

बता दें कि दीपक मधोक वाराणसी में चलनें वाले प्रतिष्ठित स्कूल सनबीम ग्रुप के चेयरमैन और मालिक है। वाराणसी से लेकर मुगलसराय तक सनबीम ग्रुप के एक दर्जन से अधिक सीबीएसई मान्य स्कूल चलते हैं।

वाराणसी के सक्षम नागरिक अपनें बच्चों को सनबीम में ही पढ़ाना चाहते है। लगभग 40 वर्ष पहले दीपक मधोक की मां इशरत मधोक नें एक स्कूल से शुरुआत की थी, जिसके बाद उनके दोनों बेटे दीपक और प्रदीप मधोक नें स्कूल की बागडोर अपने हाथ मे ले ली और एक के बाद एक ब्रांच खोलते गये जो आज की तारीख में एक दर्जन से ज्यादा है।

Read this also…

आईआरएनएसएस-1एच हुआ लांच, बढ़ेगी देश की जीपीएस की क्षमता

दीपक मधोक की प्रतिष्ठा उनके स्कूल्स की प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। जिसे मधोक किसी भी कीमत पर धूमिल करना नही चाहेगें। अपनी सफाई वाराणसी डीएम को देकर अमर उजाला और अमृत प्रभात पर दीपक नें आईपीसी की धारा 500 व 501 के तहत मुकदमा दर्ज करा कर 5 करोड़ की मानहानि का दावा किया है। अमर उजाला और अमृत प्रभात के संपादको से जनमंच नें संपर्क किया लेकिन उन्होनें इस मामले पर टिप्पणी करने करनें मना कर दिया।

सहयोगी ताबिश अहमद के साथ

[email protected]