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BHU PRO Dr. Rajesh Singh

BHU PRO की जान को खतरा, नहीं मिली पुलिस सुरक्षा, चीफ प्रॉक्टर मामले को लेकर लापरवाह

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ताबिश अहमद की रिपोर्ट,

वाराणसी: पंडित मदन मोहन मालवीय की कर्मस्थली बनारस हिंदु विश्वविद्यालय यूँ तो दुनियाभर में जाना जाता है। यहॉं का प्राक्टोरियल विभाग अनुशासन को लेकर अपनी सख्ती के कारण छात्रों में ख़ौफ का सरमाया हुआ करता था। यहॉं तक की कैंपस में तेज़ रफ्तार बाईक चलाते पकड़े जानें पर कार्यवाही तय मानी जाती थी।

उसी तरह स्मोकिंग/गुटखा-पान बैन के बाद आये दिन धुँआ उड़ाते छात्रों को 500₹ का जुर्माना अदा करनें की खबरे आम थीं। किसी बाहरी व्यक्ति को मुँह में पान या गुटखा दबाये देख कर बीएचयू के सुरक्षा कर्मचारी पेनाल्टी की रसीद काट देते थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों में कैंपस में अरजकता का जो नंगा नाच हुअा उसे देख कर लगता है कि कहीं कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है।

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कभी गर्ल्स हॉस्टल में कोई युवक घुस जाता तो कभी ब्यॉज़ हॉस्टल में अपराधियों के होने की बात सुनाई पड़ती है। पिछले दिनों समाजवादी छात्रसभा के नेता की गिरफ़्तारी के बाद कैंपस में मुँह पर कपड़ा बॉंधकर छात्रों नें कहर ढा दिया। जो कुछ सामने आया क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सौ से अधिक मोटरसाईकिल, आधा दर्जन कारों को तोड़फोड़ दिया गया। डीपीएस की कैंपस से बाहर जा रही एक बस को छात्रों नें आग के हवाले कर दिया। एसबीआई एटीएम में तोड़फोड़ हुई। मेनगेट के बाहर सूचना पाकर पहुँची कई थानों की फोर्स पर कैंपस के अंदर से पथराव कर दिया गया।

बाद में दोषी स्टुडेंट्स की शिनाख्त कर मुकदमा दर्ज करानें की खबरों के बीच एक और घटना की बात सामने आई है, इस बार बीएचयू के PRO को परिवार सहित जान से मारनें की धमकी मिली है। बीएचयू की मौजूदा हालात को देखकर हत्या जैसा अपराध कैंपस के अंदर नहीं हो सकता इसकी कोई गारण्टी नही ले सकता।

Main Gate of Public Relation Officer's Office Mr. Rajesh Singh, picture shows no security personnel there at all.

File Photo: Main Gate of Public Relation Officer’s Office Mr. Rajesh Singh, picture shows no security personnel there at all.

ताजा मामला बीएचयू के PRO को एक कथित छात्र द्वारा जान से मारने की धमकी का है। पीआरओ डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि गुरुवार की शाम एक कथित छात्र ने अश्लील शब्दों की भरमार करते हुए जान से मारने की धमकी दी है। साथ ही उनके परिवार को भी जानमाल का नुकसान पहुंचाने की धमकी दी है। धमकी देने वाले ने अपना नाम शेखर सिंह बताया है।

धमकी के बाद पीआरओ ने प्राक्टोरियल बोर्ड को लिखित रूप से घटना के बारे में अवगत कराया है। इसके साथ ही सुरक्षा की मांग भी की है। प्राक्टोरियल बोर्ड ने पुलिस को सूचना देकर अपने कर्तव्य निभा दिया और PRO को उनके हाल पर छोड़ दिया। हालांकि इस मामले में लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी और पीआरओ को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

डॉ. राजेश के सुरक्षा मांगने के बाद भी इस मामले को लेकर चीफ प्राक्टर रायना सिंह और लंका पुलिस ने उनकी जान की सलामती के लिये कोई उपाय नही किया। शायद जिम्मेदार अधिकारीगढ़ समझ रहे हैं कि “मारनें वाले को मारना होता तो मार देता ना कि धमकी देकर डराता”… ज्यादातर मामलों में ऐसा होता भी है। लेकिन हाल-फिलहाल में कैंपस में देखी गयी अराजकता कोई वक्ती गुस्सा नहीं था, बाकायदा कपड़े से मुँह ढककर और कैंपस के सीसीटीवी कैमरो को तोड़कर उपद्रव मचाया गया था। यह सब पूरी प्लानिंग के तहत होता प्रतीत होता है।

हमने आज दोपहर बाद PRO कार्यालय का दौरा किया, हम देखना चाहते थे कि उनके कार्यालय के आसपास कोई सुरक्षा व्यावस्था की गई है या उन्हें उनकी किस्मत के सहारे छोड़ दिया गया है। हैरत हुई यह देखकर की डॉ. राजेश के परिवार की सुरक्षा में पुलिसकर्मियों की छोड़िये वहॉं बीएचयू का एक गार्ड भी नहीं दिखा।

हमनें लंका थानाध्यक्ष संजीव कुमार मिश्रा से इस विषय पर जानकारी मॉंगी तो एसओ ने बताया कि पीआरओ ने पुलिस से किसी भी सुरक्षा की मांग नहीं की है। सुरक्षा के लिए उन्होंने प्राक्टोरियल बोर्ड को लिखा है, यदि प्रॉक्टर सिक्युरिटी की मॉंग करता है तो मुहैया कराया जाएगा। ऐसे में चीफ प्रॉक्टर पर पीआरओ की सुरक्षा को लेकर लापरवाही साफ नजर आ आती है। पीआरओ कार्यालय का पूरा स्टाफ व उनके घर के सदस्य ख़ौफ में जी रहे हैं।

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