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काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कांस्टेबल की पुलिसकर्मियों नें की पिटाई

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काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी परिसर में तैनात पुलिसकर्मी हो जाते है अवसादग्रस्त, पहले भी हो चुकी है इस तरह की कई घटनाएं…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

वाराणसी: विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर व ज्ञानवापी मस्जिद की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एक सिपाही की दूसरे सिपाहियों नें मिलकर बुरी तरह पिटाई कर दी। इस दौरान थाना परिसर में मौजूद दूसरे पुलिसकर्मी मूक दर्शक बने रहे।

मामला वाराणसी के चौक थाना परिसर में बनें ज्ञानव्यापी सुरक्षा कार्यालय का है। इस कार्यालय में सिपाही समरजीत बहादुर यादव के साथ हेड कॉस्टेबल और कॉस्टेबलों नें गाली-गलौच व अभद्रता की, विरोध करनें पर अकेले समरजीत बहादुर यादव को कई पुलिसकर्मियों नें मिलकर लात-घूंसों से मारापीटा।

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काशी विश्वनाथ व ज्ञानवापी मस्जिद की सुरक्षा में तैनात जिले के सिविल पुलिसकर्मी, पीएसी, आरपीएफ के जवानों में इस तरह की कई घटनाएं प्रकाश मे पहले ही आ चुकी है, जिसमें से 2004 में पीएसी के एक जवान द्वारा चार सहकर्मियों को अपनी सरकारी 303 रायफल से डियुटी के बाद बस में बैठनें के दौरान गोली मारना सबसे चर्चित कांड था। इस घटना में तीन पीएसी के जवान और सड़क किनारे फूलमाला बेचनें वाले एक युवक की मौत हो गई थी।

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जिस जवान नें गोली चलाया था उसके अनुसार उसके साथी जवान काफी से किसी न किसी बात पर उसकी खिचाई किया करते थे, व उसका भद्दा मजाक उठाते थे, इसी बात से कातिल जवान क्षुब्द था। घटना वाले दिन भी उसका खूब मजाक उड़ाया गया था, डियुटी के बाद जब सभी जवान बस में बैठ रहे थे, उसी समय मजाक का विषय बना जवान क्षणिक आवेश में आ गया, और अपनी सरकारी रायफल से बस में पहले बैठ चुके साथियों को निशाना बनाकर फॉयर करने लगा।

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उसनें एक के बाद एक पांच गोलियां चलाई, जिसमें से चार गोली बस में बैठे जवानो को लगी, जिसमें से तीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गोली बस की बॉडी को छेदती हुयी कुछ दूरी पर बैठे फूलमाला बेचनें वाले माली के सिर को उड़ाती हुई एक दुकान के अंदर दिवार में जा लगी थी।

दोषी जवान को काबू कर चौक थाने के सुपुर्द कर दिया गया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस घटना के कारण पर गौर करने पता चला था कि तंग गलियों में उमस भरी गर्मी और भीड़भाड़ में चबुतरों पर बैठकर डियुटी देने वाले जवान अवसादग्रस्त हो जाते है जिससे उनका आवेश में आ जाना लाजमी है।

आज की घटना में सिपाही समरजीत बहादुर यादव जो काशी विश्वनाथ मंदिर व ज्ञानवापी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात है मारा पीटा गया। सिपाही के साथ मारपीट करने वालो में गणना कार्यालय में तैनात श्रीनिवास उपाध्याय हेड कॉस्टेबल, महानन्द सिंह सिपाही, शिवकांत पाठक सिपाही, अरविन्द मौर्या सिपाही, सर्बेश सिंह सिपाही शामिल थे। यह सभी काशी विश्वनाथ मंदिर ज्ञानवापी सुरक्षा व्यवस्था के गणना कार्यालय में तैनात हैं।

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मीडिया को इस मारपीट का कारण बतानें में पुलिस प्रशासन असहज नजर आया और ‘यूँ ही छोटी सी बात पर तूतू-मैंमैं हो गई’ कह कर पल्ला झाड़ता दिखा, लेकिन दोषियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाई की बात कही गयी है।

–सहयोगी ताबिश अहमद के साथ