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वाराणसी के मुख्य विकास अधिकारी युवा IAS सुनील कुमार वर्मा नें जालसाज़ युवक को कराया गिरफ्तार

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श्रम विभाग का कर्मचारी बन युवक द्वारा श्रमिक पंजियन के लिए की जा रही थी वसूली…

Tabish Ahmed

ताबिश अहमद

 

 

 

 

 

वाराणसी: डीएम की चौपल में अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद श्रम विभाग के एक युवक की जालसाजी उसे उस समय भारी पड़ गई जब शहर के रामनगर थाना क्षेत्र के डोमरी गांव में तेज़ तर्रार IAS अधिकारी और जिले के मुख्‍य विकास अधिकारी (सीडीओ) सुनील कुमार वर्मा ने युवक को रंगे हाथों पकड़ लिया और उसको जेल की हवा खिला दी।

जिलाधिकारी की चौपाल में मौजूद सीडीओ ने श्रमिक पंजीयन के नाम पर श्रम विभाग के युवक द्वारा अत्यधिक पैसे की वसूली की शिकायत पर यह कार्रवाई की है। पकड़े गये युवक ने श्रम विभाग के एक अधिकारी के भी इस जालसाजी में जुड़े होने की बात कही है, फिलहाल पुलिस इस सम्बन्ध में जांच कर रही है।

सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री द्वारा चौथे वित्तीय वर्ष में रामनगर थाने के डोमरी गांव को गोद लिए जाने की चर्चा ज़ोरों पर है। ऐसे में अधिकारियों द्वारा समय-समय पर डोमरी गांव में जनता की सुविधा के लिए चौपाल लगाईं जा रही है।

इसी क्रम में शुक्रवार को डोमरी गांव में लगी जिलाधिकारी की चौपाल में शिकायत पर सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने श्रम विभाग के नाम पर जालसाजी करने वाले एक युवक को पकड़ कर रामनगर पुलिस के हवाले कर दिया।

इस सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने जनमंच न्यूज़ को बताया कि जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा ने रामनगर थाने के डोमरी गांव में शुक्रवार को चौपाल का आयोजन किया था। इसमें गांव के लोग अपनी समस्याएं लेकर आये थे। इन्ही में से एक श्रमिक ने बताया कि गांव में एक युवक श्रमिक पंजीयन के नाम पर हम सभी से 160 रूपये वसूल रहा है। पंजीयन के समय वह 60 रूपये लेता है और पर्ची देते समय वह 100 रूपये और लेता है।

सीडीओ के अनुसार इस सूचना पर उन्‍होंने अमित कुमार, निवासी घमहापुर, थाना लोहता को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करा दिया। उसके पास से 7300 रूपये कैश मिला है। उक्त युवक ने श्रमिकों को जो पर्ची दी है उसमें से 15 पर्ची पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर बनाये गये थे तथा 36 पर्ची पर मूल हस्ताक्षर पाए गये हैं।

पकड़े गये युवक ने बताया कि यह कार्य वह श्रम विभाग में कार्यरत एक लिपिक के कहने पर करता था। सीडीओ ने बताया कि श्रमिक कार्यालय में पंजीयन का शुल्क सिर्फ 40 रूपये है अगर इससे अधिक कोई लेता है तो यह गलत है और इसकी शिकायत उनसे सीधे करें।