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वाराणसी सिटी मजिस्ट्रेट को एक मस्जिद के मामले में एकपक्षीय फैसला सुनाने के लिए पाकिस्तान से मिल रही है धमकियाँ

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वाराणसी के सिटी मजिस्‍ट्रेट को एक विवादित मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में एक विशेष पक्ष के फ़ेवर में फैसला देने के लिये पाकिस्तान से रात-दिन धमकियां दी जा रही हैं…

Tabish Ahmed

ताबिश अहमद

 

 

 

 

 


वाराणसी: सुन्नी मुस्लिम समुदाय के दो पक्षों में आदमपुर थानान्तर्गत कोनिया क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद को लेकर मार्च 2016 में जमकर लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर चले थे, दोनो ही पक्ष के लोगों के सिर फूटे थे। उसी मस्जिद को लेकर हुये विवाद और मस्जिद के मालिकाना हक़ को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट सुनवाई कर रहे है। इसी मामले में अपने पक्ष में फैसला सुनाने के लिए अब कुछ लोग पाकिस्‍तान से भी अफसरों को धमकियां दिलवाने लगे हैं। वाराणसी में ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।

 

दरअसल, वाराणसी के सिटी मजिस्‍ट्रेट विश्राम को 12-13 मार्च की रात से ही लगातार पाकिस्‍तान से धमकी भरे फोन कॉल आ रहे हैं। अधिकारी की ओर से इस बाबत वाराणसी के आदमपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

मामला वाराणसी के कोनिया इलाके की एक मस्जिद के मुकदमे से जुड़ा बताया गया है। फोन पर सिटी मजिस्‍ट्रेट को धमकी देने वाले ने एक पक्ष के समर्थन में फैसला सुनाने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की है।

बताते चलें कि मार्च 2016 को कोनिया मस्जिद में कब्जे को लेकर विवाद हुआ था। इस मस्‍जिद पर बरेलवी और देवबंदी अपना अपना हक जता रहे हैं। पिछले साल मार्च में कुर्क की गई इस मस्जिद का मुकदमा सिटी मजिस्ट्रेट विश्राम की न्‍यायालय में चल रहा है।

बरेलवी और देवबंदी पक्षकारों के बीच चल रहे इस मुकदमे में एक पक्षीय फैसल सुनाने के लिए ही अधिकारी पर दबाव बनाने की कोशिशें हो रही हैं। फिलहाल सिटी मजिस्‍ट्रेट ने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इंकार करते हुए मामले की पुष्‍टि की है।

अनौपचारिक बातचीत में सिटी मजिस्‍ट्रेट ने बताया कि उन्‍हें कई बार पाकिस्‍तान के नंबर से कॉल आई है, जिसमें कॉलर ने एकपक्षीय फैसला सुनाने का दबाव बनाया है। यहां तक कि देर रात दो-तीन बजे भी दबाव बनाने के लिए कॉल की गयी है। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से एसओ आदमपुर अजीत कुमार मिश्रा को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया गया है।