नंदीग्राम में घरों और दुकानों में तोड़फोड 

पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में सोमवार सुबह कई घरों और दुकानों में घुसकर तोड़फोड़ की गई। भाजपा कार्यालय में भी तोड़फोड़ की कोशिश की गई। भाजपा के पार्टी कार्यालय को भी आग के हवाले कर दिया गया। भाजपा ने टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर इसका आरोप लगाया है, जबकि उसने इससे इन्कार किया है।

कोलकाता के कई इलाकों में अशांति

वहीं बीती रात कोलकाता के उल्टाडांगा इलाके में एक भाजपा कार्यकर्ता को पीटकर मारे जाने का आरोप है, जबकि साल्टलेक, न्यूटाउन, भांगड़ में रात भर अशांति जारी रही। शिवपुर-हावड़ा में भाजपा समर्थक की दुकान में दिन-दहाड़े लूट का मामला भी प्रकाश में आया है। कोलकाता के बांगुड़ एवेन्यू, बड़ाबाजार, बेलाघाटा में तृणमूल समर्थकों ने जीत के बाद दबंगई दिखाई। इसके अलावा उत्तर 24 परगना के बारासात इलाके में चुनाव के नतीजों को लेकर तृणमूल कांग्रेस तथा भाजपा के कार्यकर्ता मारपीट पर उतर आए। सभी घटनाओं में आरोप तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगा है जबकि उसने इससे इन्कार किया है। बर्द्धमान में एक तृणमूल कार्यकर्ता की हत्या की जाने की खबर है। हत्या का आरोप भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगा है। उत्तर 24 परगना के भाटपाड़ा में क्रूड बम भी बरामद हुए हैं।

दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा क्षेत्र में रात में आठ से 10 दुकानों को तोड़ने के साथ ही एक युवक की हत्या किए जाने की भी जानकारी मिली है। रविवार को हुगली जिले के आरामबाग में भाजपा कार्यालय को आग लगा दी गई। इससे पहले कल ही पूर्व मेदिनीपुर के हल्दिया में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की घटना घटी थी। दोनों ही घटनाओं में आरोप तृणमूल पर लगा है।

राज्यपाल ने गृह सचिव से मांगी रिपोर्ट

बंगाल में रविवार को विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा व तृणमूल कांग्रेस की प्रचंड जीत के बाद से ही हिंसा व आगजनी की घटनाएं तेज हो गई है। भाजपा ने पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में कथित तौर पर तृणमूल कार्यकर्ताओं के हमले में अपने छह कार्यकर्ताओं की मौत का दावा किया है।साथ ही बड़े पैमाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले व आगजनी का आरोप लगाया है। इन घटनाओं को देखते हुए बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ एक बार फिर एक्शन में आ गए हैं। राजपाल ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को सोमवार सुबह में पहले समन किया। इसके बाद राज्यपाल ने बढ़ती हिंसा को देखते हुए शाम में राज्य के गृह सचिव से भी रिपोर्ट मांगी है। राज्यपाल ने गृह सचिव से चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ अब तक उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देने को कहा है। साथ ही, राज्यपाल ने गृह सचिव से संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव उपाय करने को कहा है।

धनखड़ ने सिलसिलेवार ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है। धनखड़ ने ट्वीट करते हुए कहा- “राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसा, आगजनी और हत्याओं की कई रिपोर्टों से परेशान और चिंतित हूं। पार्टी कार्यालयों, घरों और दुकानों पर हमला किया जा रहा है। स्थिति चिंताजनक है। बंगाल के गृह विभाग, बंगाल पुलिस और ममता बनर्जी से शीघ्र कार्रवाई के लिए कहा है।” उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा- राज्य में कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालात को लेकर डीजपी को समन किया है। तृणमूल की प्रचंड जीत के बाद रविवार को मतगणना के दिन ही शाम में हुगली जिले के आरामबाग में भाजपा कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया। इसके अलावा और भी कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं सामने आई है।

ममता ने की शांति की अपील

इधर, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को राज्य के लोगों से शांति की अपील करते हुए किसी तरह की हिंसा ना करने को कहा है। उन्होंने कहा- हम जानते हैं कि भाजपा और केंद्रीय बलों ने हमें काफी परेशान किया है लेकिन हमें शांति बनाए रखनी होगी। वर्तमान में हमें कोविड-19 के खिलाफ लड़ना है।