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अर्थव्यवस्था में इस समय हम आंकड़ों की विश्वसनीयता के संकट से गुजर रहे: थरूर

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New Delhi: लोकसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में इस वक्त हम दुनिया के सामने आंकड़ों की विश्वसनीयता के संकट से गुजर रहे हैं। सरकार खुद लगातार अपने आंकड़े बदल रही है। सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों को 6.7% से बढ़ाकर 8.2% करने पर सवाल उठा चुके हैं। थरूर ने पूछा कि क्या सरकार स्वतंत्र विशेषज्ञों के जरिए डाटा जुटाने की प्रक्रिया की समीक्षा करवाएगी। हमारी आर्थिक सफलता विश्वसनीय आंकड़ों पर ही आधारित होनी चाहिए।

संसद के शीतकालीन सत्र में आज लोकसभा में कई अहम बिलों के पास होने की संभावना है। इसमें ई-सिगरेट पर प्रतिबंध का बिल अहम है। इसके अलावा सदन में दमन-दीव और दादरा-नगर हवेली का विलय कर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने का बिल भी पेश किया जा सकता है। हालांकि, कांग्रेस ने सरकार पर सरकारी क्षेत्र की कंपनियों के अंधाधुंध विनिवेश का आरोप लगाते हुए पहले ही स्पीकर को स्थगन प्रस्ताव का नोटिस भेजा है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो सदन की सामान्य कार्यवाही स्थगित कर जनता के लिहाज से अहम मुद्दे पर पहले चर्चा की जाएगी।

सरकारी उद्यमों के विनिवेश पर कांग्रेस नाराज
पिछले हफ्ते आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) ने 5 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के विनिवेश को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। इनमें भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (कॉनकोर) और टेहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन जैसी कंपनियां शामिल थीं।

सरकार का एक ही एजेंडा- निजीकरण को बढ़ावा देना: चौधरी

पिछले हफ्ते ही कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस सरकार का एक ही एजेंडा है- निजीकरण को बढ़ावा देना। सरकारी उपक्रमाें के शेयर ऐसे बेचे जा रहे हैं, जैसे कोई परिवार की संपत्ति को बेचता है। 2003 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उपक्रमों के विनिवेश के निर्णय संसद की मंजूरी से होने चाहिए।

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