इनकी हुई है गिरफ्तारी

सबसे खास बात तो यह है कि इस मामले में 23 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। गिरफ्तार लोगों में

  1.  रामबाबू पासवान
  2.  विराट कुमार
  3.  झुनू महतो
  4.  लाला पासवान
  5.  धर्मवीर कुमार
  6.  बिंदा चौधरी
  7.  मुकेश कुमार
  8.  सूरजभान कुमार
  9.  रंजीत कुमार
  10.  सुधीर महतो
  11.  ओपित पासवान
  12.  सोनू कुमार
  13.  मोनू कुमार
  14.  शिव पूजन पासवान
  15.  शत्रुध्न चौधरी
  16.  नारायण चौधरी
  17.  पंकज कुमार
  18.  रामकरण चौधरी
  19.  विमोचन कुमार
  20.  संजय कुमार
  21.  लक्ष्मण साव ग्राम तिसखोरा
  22.  कुंदन कुमार
  23.  राहुल कुमार

अभी बंद नहीं हुआ केस

जैसे ही लोग कृष्णा मांझी को जीवित देखा। पूरा मामला सुनकर पुलिस के पांव के नीचे से जमीन खिसक गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुट गई है कि अगर कृष्णा जिंदा है तो वह शव किसका था, जिसका दाह संस्कार कराया गया। एसएसपी गरिमा मलिक मामले को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर सिटी एसपी वेस्ट अभिनव कुमार से रिपोर्ट मांगी है। अभिनव ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसएसपी ने कहा, मॉब लिंचिंग मामले का वीडियो और घटनास्थल से शव बरामद हुआ था। आरोपितों की गिरफ्तारी भी हुई थी और कई अज्ञात पर केस दर्ज हुआ था। उन्होंने बताया कि इस केस की चार्जशीट अभी कोर्ट में नहीं दाखिल की गई है। केस अभी बंद नहीं हुआ है। केस ओपेन है और जांच जारी है।

पुलिसिया कार्रवाई पर ये सवाल 

  • परिजनों के दावे पर पुलिस ने अभियुक्तों से क्यों नहीं कराई कृष्णा की पहचान?
  • पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मृतक व कृष्णा की शारीरिक बनावट और उम्र में क्या अंतर नहीं मिला?
  • क्या परिजनों द्वारा दिए गए कृष्णा की गुमशुदगी के आवेदन पर पुलिस ने संज्ञान नहीं लिया?
  • अगर शिनाख्त हुई तो पुलिस ने क्यों नहीं पता किया कि वह कब और कहां से लौट रहा था?
  • शव जलाने के साथ सभी साक्ष्य मिट चुके हैं, अब पुलिस मृतक की पहचान कैसे करेगी?
  • पुलिस का दावा है कि गोदना देखकर पहचान हुई, लेकिन कृष्णा के हाथ पर तो कोई निशान नहीं है?