toothpaste color stripes

टूथपेस्ट पर क्यों बने होते हैं चार रंगों के ये निशान, जानें आपकी सेहत के साथ क्या है इनका संबंध

120

टूथपेस्ट का इस्तेमाल हम रोजाना करते हैं। अब तो मार्केट में कई तरह के टूथपेस्ट उपलब्ध हैं। कई टूथपेस्ट केमिकल फ्री होने का दावा भी करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी ये जानने की कोशिश की है कि आप जिस टूथपेस्ट का उपयोग कर रहे हैं वह केमिकल फ्री है या नहीं। आपने ध्यान दिया हो तो टूथपेस्ट के पैक पर नीचे की तरफ अलग-अलग रंग की धारियां बनी होती हैं।

आपको अपने टूथपेस्ट के पैक के पीछे की तरफ काले, लाल, नीला और हरे रंग की धारी दिखेंगी। ये धारियां एक सिंबल की तरह है। हर सिंबल का अपना अलग मतलब है। चलिए तो सबसे पहले आपको बताते है इन सभी रंगों का क्या मतलब है।

नीले रंग का मतलब प्राकृतिक (नेचुरल) और दवा युक्त

लाल रंग का मतलब होता है  प्राकृतिक (नेचुरल) और केमिकल युक्त

काला रंग यानी पूरी तरह से केमिकल युक्त

हरे रंग का आर्थ है पूरी तरह से प्राकृतिक

आपके जानकारी के लिए बता दें कि सभी टूथपेस्ट में अलग-अलग तरह के कैमिकल पाए जाते हैं। पौटेशियम नाइट्रेट, सोर्बिटोल, फ्लोराइड, ट्राईक्लोसन, अब्रेसिव्स,  कैल्शियम, डाई कैल्शियम फॉस्फेट और बेकिंग सोडा जैसे कैमिकल होते हैं।

कैमिकल का आप स्वास्थ पर क्या होता है असर

कई टूथपेस्ट में डाई कैल्शियम फॉस्फेट होता है। ये जानवरों की हड्डियों के चूर्ण से बनता है। इतना ही नहीं इसके साथ ही फ्लोराइड भी मिला दिया जाता है। जिस भी टूथपेस्ट में डाई कैल्शियम की मात्रा 1000 pm से अधिक होगी वह हानिकारक होता है। इससे फ्लोरोसिस नाम की बीमारी होती है। ट्राईक्लोसन केमिकल लेने से ह्दय  और कैंसर जैसे रोग हो सकते हैं।

टूथपेस्ट में झाग बनाने के लिए सोडियम लॉरियल सल्फेट का इस्तेमाल किया जाता है। इससे भी कैंसर होने की संभावना होती है। वही, सोडियम सलफेट से मुंह का अल्सर, हार्मोन के असंतुलन और जलन जैसी समस्या होने की संभावनाएं रहती हैं। वहीं, सोर्बिटोल का इस्तेमाल टूथपेस्ट को मीठा बनाने के लिए किया जाता है। इससे आपके शरीर में सूजन, अपच और गैस जैसी समस्या हो सकती है।

अगली बार जब कभी भी आप अपना टूथपेस्ट खरीदने जाएं तो सबसे पहले पैक पर जरुर ध्यान दें और देखें की उसपर किस रंग की धारी बनी हुई है। क्योंकि गलत टूथपेस्ट का इस्तेमाल आपके शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।