पुलिस अभिरक्षा में तहसील परिसर में महिला ने खाया जहरीला पदार्थ, जमानत नही करवा रहे थे वकील

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महिलाओं से पड़ोसी वकील से हुआ था विवाद, पुलिस नें दोनो पक्षों को धारा 151 के तहत गिरफ़्तार कर लिया था…

–रिज़वान उद्दीन

हमीरपुर: जिले के मौदहा में अधिवक्ता और पडोसियो के बीच के विवाद के बाद पुलिस ने दोनो पक्षों के खिलाफ शांति व्यवस्था भंग करने की कार्यवाही कर इनका चालान किया था। लेकिन अधिवक्ता की जमानत तो वकीलो ने ले ली थी दूसरे पक्ष जिसमे दो महिलाये थी इनको जमानत दिलवाने से वकीलो ने इन्कार कर दिया था। वहीं उपजिलाधिकारी के चुनावी बैठक मे होने से इनकी जमानत मे देरी हो रही थी।

इसी बीच दूसरे पक्ष की अरोपी महिला सरिता पत्नी रिषभ ने पुलिस अभिरक्षा के बीच ही तहसील परिसर मे कोई जहरीला पदार्थ पी लिया जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में महिला को सदर अस्पताल हमीरपुर भेजकर ईलाज कराया गया। बाद में उपजिलाधिकारी नें महिलाओं को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।

आज इस मामले में अधिवक्ताओ ने उपजिलाधिकारी से नराजगी जताते हुये नारेबाजी की। वकीलो का कहना था कि वकील को पीटने वाले पक्ष को निजी मुचलके पर उपजिलाधिकारी ने छोडकर अधिवक्ताओं का सम्मान नही रखा। कल दिन के 11 बजे फत्तेपुर शिवपुरी निवासी अधिवक्ता धनश्याम सिंह यादव ने पुलिस को तहरीर दी थी कि जिस समय वह तहसील जाने के लिये तैयार हो रहा था तभी पडोसी रिषभ देव व उसके भाई कपिल देव के साथ उसके पत्नियो ने घर में घुसकर लाठी डण्डो से मारते हुये चाकू से हमला कर घायल कर दिया था और उससे 50000रू न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

घटना की सूचना उसने पुलिस को दी। वहीं दूसरे पक्ष के रिषभ ने बताया कि अधिवक्ता धनश्याम ने उसकी पत्नी पर हमला कर उसकी पिटाई कर दी। पुलिस ने अधिवक्ता सहित धनश्याम, रिषभ व उसकी पत्नी सरिता व एक अन्य को शांति व्यवस्था भंग के आरोप मे चालान कर दिया था। जिन्हे पुलिस अभिरक्षा मे एसडीएम न्यायलय भेजा गया था, वहीं अधिवक्ताओं ने अपने साथी अधिवक्ता की पिटाई के मामले मे अक्रोश जताते हुये हमलावरो पर सख्त कार्यवाही करने व इनकी जमानत किसी अधिवक्ता द्वारा न कराये जाने का निर्णय लिया था। इसी के बाद अधिवक्ता धनश्याम की जमानत तो ले ली गई लेकिन सरित आदि की जमानत नही हो सकी जिसके चलते उसने पुलिस अभिरक्षा मे जहरीला पदार्थ खा लिया उसे पुलिस स्थानीय अस्पताल ले गई बाद मे सदर अस्पताल हमीरपुर इलाज के लिये भेजा गया है।

इसी दौरान चुनाव मीटिंग से वापस आये उपजिलाधिकारी ने इन्हे निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने आज सुबह तहसील परिसर मे एकत्र होकर उपजिलाधिकारी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं सरिता के पति रिषभ ने बताया कि पुलिस ने उनकी मारपीट की घटना को दर्ज ही नही किया और न उनकी सुनवाई हुई घटना से परेशान उसकी पत्नी ने कैसे जहरीला पदार्थ खा लिया उसे जानकारी नही है।