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हर दूसरे दिन उत्पीड़ित होती हैं महिलाएं, पुलिस के आंकड़े चौंकाने वाले

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Rambihari pandey

रामबिहारी पांडेय

सीधी- जिले में महिला अपराधों पर अंकुश लगा पाने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है. आंकड़े बया कर रहे हैं कि महिलाएं दुष्कृत्य, अपहरण छेडख़ानी व दहेज हत्या जैसे गंभीर अपराधों की शिकार हो रही है. सीधी जिले में हर माह 16 से ज्यादा महिलाओं का अपहरण हो रहा है.

इसी तरह करीब 4 महिलाएं प्रतिमाह दुष्कृत्य का शिकार हो रही हैं. ये ऐसी महिलाएं हैं, जो शिकायत लेकर पुलिस तक पहुंची हैं. इसके अलावा कई महिलाएं लोक-लज्जा व आपसी समझाइस से शिकायत लेकर घर से बाहर नहीं निकल पाती और अंदर ही अंदर घुटती रहती हैं.

उल्लेखनीय है कि महिला अपराधों में कमी लाने के लिए शासन द्वारा लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं. ऐसे अपराधियों को सजा देने के लिए कड़े कानून भी बनाए गए हैं. साथ ही महिलाओं को भी जागरूक करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं. कई स्वयं सेवी संस्थाएं इस दिशा मे लगातार कार्य कर रही हैं. बावजूद इसके महिला अपराधों पर कमी नहीं आ रही है.

2 माह में 15 महिलाएं छेडख़ानी का शिकार-

थाना महिला प्रकोष्ठ के आंकड़े के अनुसार जनवरी से माह जून 2019 में सिर्फ दो माह जनवरी व फरवरी के बीच 15 महिलाएं छेडख़ानी की शिकार हुई हैं। इन मामलो में आरोपियों के विरूद्ध अपराध जिले के विभिन्न थानो मे दर्ज किए गए हैं.

सात महिलाओं से हुआ दुष्कृत्य-

जनवरी व फरवरी माह मे सात महिलाएं दुष्कृत्य का शिकार हुई हैं. महिलाओं की शिकायत पर जिले के विभिन्न थानों मे आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है.

दहेज की बलि चढ़ी एक महिला-

महिलाओं पर सर्वाधिक अपराध उनके अपने ही बरपा रहे हैं. प्रताडऩा से तंग आकर महिलाएं मौत को गले लगा रही हैं. यद्यपि गत दो माह जनवरी व फरवरी की तुलना की जाए तो दहेज हत्या में कमी आई है. गत वर्ष जहां दो माह के अंदर तीन महिलाएं दहेज हत्या की शिकार हुई थी. वहीं इस वर्ष दो माह मे सिर्फ एक महिला ने दहेज के कारण मौत को गले लगाई है.

महिला अपराधों पर एक नजर-

वर्ष- 2018
माह शीलभंग अपहरण दुष्कृत्य दहेज हत्या
जनवरी 11 18 02 01
फरवरी 01 055 02
कुल 12 17 07 03
वर्ष- 2019
माह शीलभंग अपहरण दुष्कृत्य दहेज हत्या
जनवरी 0916 02 00
फरवरी 06 16 05 01
कुल 15 32 07 01